शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने शिंदे-बीजेपी गठबंधन सरकार द्वारा घोषित ‘पगड़ी चॉल मुक्त मुंबई’ पहल को सिरे से खारिज करते हुए इसे फर्जी और भ्रामक घोषणा करार दिया है। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार ने किरायेदारों की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने के बजाय, झूठे दावे और अधूरे वादों के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि उन्होंने मुंबई में हाल ही में की गई बीजेपी सरकार की घोषणाओं का पर्दाफ़ाश किया है, जो किरायेदारों की मांगों के जवाब में की गई थीं, लेकिन ज़मीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी पहल किरायेदारों के हित में नहीं, बल्कि मकान मालिकों और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए लाई गई है।
आदित्य ठाकरे ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पगड़ी चॉल और सेस वाली प्रॉपर्टीज़ को लेकर सरकार से तीन प्रमुख मांगें की गई थीं—सभी किरायेदारों को कानूनी रूप से “किरायेदार” का दर्जा दिया जाए और मकान मालिकों द्वारा बेदखली से उन्हें सुरक्षा मिले; अदालतों में लंबे समय से अटके “सक्षम अथॉरिटी” से जुड़े कानूनी विवाद का समाधान किया जाए; और रीडेवलपमेंट का आधार बिल्डिंग की हालत नहीं, बल्कि उसकी उम्र को बनाया जाए, ताकि पुरानी इमारतों में रहने वाले लोग सुरक्षित रह सकें।
हालांकि, आदित्य ठाकरे का आरोप है कि सरकार ने इन मांगों को नजरअंदाज कर उलटे ऐसे वादे किए हैं, जिनसे किरायेदारों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिलती। सरकार की योजना के तहत किरायेदारों को सिर्फ़ उतनी ही जगह देने की बात कही गई है, जितनी उनके पास पहले से है, जबकि दूसरी ओर मकान मालिकों और बिल्डरों को अतिरिक्त एफएसआई, टीडीआर और अन्य इंसेंटिव देकर सीधे तौर पर फायदा पहुंचाया जा रहा है।
Today I exposed the BJP regime’s lies and false announcements in Mumbai, that they made recently, as a response to our demands.
Exposé 1: Pugree/ Cessed Properties:
What we have asked for ✅
1) Give all tenants “occupant” status and legal protection from eviction by landlords.… pic.twitter.com/RWbySz7DtK— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) December 15, 2025
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने पगड़ी चॉल और सेस वाली इमारतों में रहने वाले हजारों किरायेदारों की अनदेखी करते हुए खुलकर मकान मालिकों और बिल्डरों का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि “पगड़ी चॉल मुक्त मुंबई” का नारा असल में किरायेदारों के अधिकार छीनने और उन्हें असुरक्षित बनाने की साजिश है।
शिवसेना (यूबीटी) ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह किरायेदारों के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है और किसी भी कीमत पर उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। आदित्य ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया, तो किरायेदारों की आवाज़ सड़क से सदन तक और भी तेज़ की जाएगी।
