शिवसेना के उपनेता और महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत (Uday Samant)
उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले कई दिनों से लगातार विभिन्न नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं और अलग-अलग जगहों पर रातें बिताते हैं। इसलिए उनके साथ केवल कपड़ों के बैग होना स्वाभाविक और सामान्य है। लेकिन वैभव नाईक ने इसे “पैसों की बोरियां” बताकर राजनीतिक रूप से गैर-जिम्मेदाराना और बेकार आरोप लगाया।
सामंत ने कहा, “जो नेता घर से बाहर ही नहीं निकलते, उन्हें बैग ले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। लेकिन उपमुख्यमंत्री शिंदे के हजारों कार्यकर्ता हैं, और उन्हें पैसे बांटने की कोई जरूरत नहीं है।” उन्होंने नाईक पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक दृष्टि से दिया गया बयान है और इसे बेहद बचकाना माना जाना चाहिए।
उदय सामंत ने एकनाथ शिंदे द्वारा सिंधुदुर्ग में प्राकृतिक आपदा के समय व्यापक मदद किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि शिंदे ने यह मदद इसलिए की ताकि किसी भी तरह से नाईक की राजनीतिक छवि को नुकसान न पहुंचे। लेकिन आज वही नाईक उपमुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं।
मंत्री सामंत ने यह भी स्पष्ट किया कि महायुति के नेता कभी भी सहयोगी पार्टियों पर नकारात्मक टिप्पणी नहीं करते और गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी को अपनी राजनीतिक परिपक्वता दिखानी चाहिए।
सामंत के इस पलटवार ने दिखाया कि राजनीतिक आरोपों के बावजूद शिवसेना और महायुति का ध्रुवीय गठबंधन मजबूत है और सकारात्मक राजनीतिक काम और जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
