जो इंडिया/नवी मुंबई।
नियमों में बड़ा बदलाव
अब पालिका के टेंडर में सड़क निर्माण, नालों की मरम्मत, पानी की पाइपलाइन बिछाना, इमारतों की मरम्मत जैसे कामों के लिए केवल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली कंपनियों की जरूरत नहीं होगी। विज्ञापन कंपनियां, जिनका मुख्य काम होर्डिंग्स, बैनर और फ्लेक्स लगाना है, वे भी इन ठेकों में भाग ले सकेंगी।
उठ रहे सवाल
इस फैसले के बाद इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि —
अगर बिना तकनीकी ज्ञान वाली कंपनियां काम करेंगी तो गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।
असली इंजीनियरों और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा।
मनपा के विकास कार्यों की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है।
आलोचना और प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि इंजीनियरिंग का काम केवल तकनीकी अनुभव और पढ़ाई से ही संभव है। विज्ञापन कंपनियों को यह जिम्मेदारी देना जनता के पैसे और शहर के बुनियादी ढांचे के साथ खिलवाड़ साबित हो सकता है।
मनपा के कुछ अधिकारी इस फैसले का बचाव करते हुए कहते हैं कि टेंडर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और काम तेजी से होगा। लेकिन नागरिकों और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े संगठनों का मानना है कि यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है और भविष्य में बड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
