जो इंडिया / मुंबई: देश की सबसे बड़ी मेट्रो परियोजनाओं (Metro projects
अभी हाल ही में शुरू हुए आरे से बीकेसी तक के पहले चरण में कई बुनियादी समस्याएं सामने आई हैं। स्टेशनों पर शौचालयों की गंदगी, पीने के पानी की अनुपलब्धता, एयर कंडीशनिंग सिस्टम से टपकता पानी, बंद स्वचालित सीढ़ियां और बैठने की जगहों की कमी जैसे मुद्दों ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
धारावी और शीतला देवी मंदिर स्टेशन पर लगी पीने के पानी की मशीनें बंद हैं, जिससे यात्रियों खासकर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धारावी स्टेशन पर महिला शौचालय का बेसिन ओवरफ्लो हो गया है और वहां की स्वचालित सीढ़ी भी कई दिनों से बंद पड़ी है। इसके अलावा कई अन्य स्टेशनों पर भी एसी से पानी रिसने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
इन समस्याओं के कारण मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) को जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। शुरुआत में बड़े स्तर पर प्रचारित की गई इस परियोजना से लोगों को उम्मीदें थीं कि यह यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, लेकिन हकीकत में यात्री खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
लोगों की मांग है कि मेट्रो प्रबंधन इन बुनियादी सुविधाओं पर तुरंत ध्यान दे, ताकि यह बहुप्रतीक्षित मेट्रो सेवा वास्तव में “आधुनिक मुंबई की जीवनरेखा” साबित हो सके।
