जो इंडिया / मुंबई /अकोला (Death in LPG Cylinder Que)
गैस सिलेंडर की गंभीर किल्लत ने अब जानलेवा रूप ले लिया है। वंचित बहुजन आघाड़ी के पूर्व सरपंच शंकरराव सिरसाठ की गैस लेने के लिए लगी लंबी कतार में खड़े-खड़े मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना प्रशासन की लापरवाही और बदइंतजामी पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, शंकरराव सिरसाठ सुबह करीब 9 बजे से गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए लाइन में खड़े थे। घंटों इंतजार के बाद दोपहर लगभग 1:30 बजे उन्हें चक्कर आया और वे वहीं गिर पड़े। मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ( prakash ambedakar) ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी की पहले से चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद सरकार ने कोई ठोस योजना नहीं बनाई। अगर समय रहते उचित कदम उठाए गए होते, तो एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गैस जैसी बुनियादी जरूरत के लिए लोगों को अपनी जान गंवानी पड़े, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को तुरंत आपूर्ति व्यवस्था सुधारनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलेंडर की नियमित और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी और को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े।



