जो इंडिया / नवी मुंबई: (Navi Mumbai Fire Accident)
नवी मुंबई के वाशी सेक्टर 14 स्थित एमजीएम कॉम्प्लेक्स (राहेजा रेजिडेंसी) में सोमवार देर रात एक भीषण आग लग गई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। रात करीब 12:30 बजे इमारत की 10वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से आग की शुरुआत हुई और देखते-देखते लपटें ऊपर की मंजिलों तक पहुँच गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा फ्लोर धुएं से भर गया और कई लोग अपने घरों में फँस गए।
चार की मौत, दस से ज्यादा घायल
इस भयानक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 6 वर्षीय बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें पास के एमजीएम हॉस्पिटल तथा फोर्टिस हिरानंदानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान —1) वेदिका सुंदर बालाकृष्णन (6 वर्ष), 2) सुंदर बालाकृष्णन (44 वर्ष), 3) पूजा राजन (39 वर्ष),4) कमला हिरालाल जैन (84 वर्ष) बताया जा रहा है कि ज्यादातर मौतें धुएं के दम घुटने से हुईं, क्योंकि आग लगते ही इमारत का अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह धुएं से भर गया था।
फायर ब्रिगेड की कड़ी मशक्कत
आग की सूचना मिलते ही नवी मुंबई फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियाँ और करीब 40 जवानों की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई। फायरकर्मियों ने पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और लगभग सुबह 4 बजे तक आग पर काबू पाया गया।
राहतकर्मियों ने इमारत की ऊपरी मंजिलों में फँसे कई लोगों को सीढ़ियों और रस्सियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। आग की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बचाव दल को ऑक्सीजन मास्क और थर्मल कैमरों का इस्तेमाल करना पड़ा।
आग लगने की आशंका और प्रारंभिक जांच
अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि इमारत में फायर अलार्म सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा था, जिससे शुरुआती चेतावनी नहीं मिल सकी। कई फ्लैट्स में लगे फायर एक्सटिंग्विशर भी एक्सपायर पाए गए। प्रशासन ने इस मामले में इमारत प्रबंधन समिति से जवाब मांगा है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद नवी मुंबई पुलिस, सिविक अधिकारी और डिसास्टर मैनेजमेंट टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और भवन की सुरक्षा खामियों की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय नगरसेवक और विधायक भी मौके पर पहुंचे और घायलों से अस्पताल में मुलाकात की। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है।
स्थानीय निवासियों की आपबीती
इमारत के निवासियों ने बताया कि आग लगते ही चारों ओर हाहाकार मच गया। कुछ लोगों ने खिड़कियों और बालकनी से चिल्लाकर मदद मांगी, जबकि कई ने गीले तौलिए और मास्क लगाकर खुद को बचाने की कोशिश की।
एक निवासी ने कहा — “हमने फायर अलार्म की घंटी नहीं सुनी, अगर सिस्टम सही से चलता तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती।”
भविष्य की चेतावनी और कदम
इस हादसे ने नवी मुंबई में फायर सेफ्टी नियमों की पोल खोल दी है। सिविक अधिकारियों ने अब शहर की सभी ऊंची इमारतों की फायर ऑडिट जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिल्डिंग मैनेजमेंट्स को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट सिस्टम हमेशा सक्रिय रहें।
