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OMG: इस बीमारी में खाना है हराम, 10 महीनों तक नहीं खाया अन्न, एक लाख में एक व्यक्ति को होता है रोग

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बीते 10 महीनों से पेट में अन्न का एक भी दाना न जाने के बावजूद 42 वर्षीय इंसान जिंदा रहा। हालांकि लंबे समय तक भोजन न करने से व्यक्ति की समस्या बढ़ गई।
42 वर्षीय अमोल नामक मरीज ने 10 महीनों से अन्न का एक दाना भी नहीं खाया था। वहीं पेट में भोजन न जाने से उसे बहुत अधिक कमजोरी लगने लगी थी। ऐसे में जब उसकी जांच हुई तब पता चला कि वह दुर्लभ बीमारी अचलेशिया कार्डिया से पीड़ित है। रोग की जानकारी होते ही बिना देर किए डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक कार्डियोमायोटॉमी सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया है।बीमारी के चलते भोजन नलिका बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके चलते भोजन पेट तक पहुंचने के बजाय उल्टी होने से बाहर आ रहा था। वह एसिडिटी और गैस की शिकायत की संभावना के चलते कई डॉक्टरों से इलाज कराया। चिकित्सकों के मुताबिक यह बीमारी एक लाख लोगों में से एक व्यक्ति को होता है।

अन्न नलिका की मासंपेशियों के सिकुड़न गई थी

घाटकोपर स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज ने उपचार कराना शुरू किया। डॉक्टरों ने जब उसका एंडोस्कोपी किया गया तो रोग का निदान हुआ। इसके बाद मरीज का लैप्रोस्कोपिक कार्डियोमायोटॉमी सर्जरी करते हुए अन्न नलिका की मासंपेशियों के सिकुड़न को दूर किया गया। सर्जरी का असर 24 घंटे के बाद दिखाई देने लगा। मरीज ने खाना-पीना शुरू कर दिया है। साथ ही उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।

एक दुर्लभ बीमारी है।

अचलेशिया कार्डिया एक दुर्लभ बीमारी है। इस बीमारी के शिकार लोगों को भोजन और तरल पदार्थ निगलने में काफी दिक्कतें होती हैं। इसके चलते अन्न नलिका की नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। नतीजतन अन्न नलिका निष्क्रिय हो जाती है। यह बीमारी समय के साथ फैलते रहता है। इतना ही नहीं पेट भोजन को अवशोषित करने की क्षमता खो देता है।अचलेशिया कार्डिया को चिकित्सा क्षेत्र में एक दुर्लभ बीमारी माना जाता है। वर्तमान में प्रति एक लाख नागरिकों में एक ही मरीज इसका शिकार है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज शामिल नहीं हैं। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि रोग से ग्रसित मरीज मानसिक दबाव में रहते हैं।

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