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शिंदे ने ही रखा था एंटीलिया के बाहर बम: NIA कोर्ट ने जमानत देने से मना किया, कहा- पैरोल का दुरुपयोग कर चुका है पूर्व पुलिसकर्मी

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Hindi NewsNationalNIA Court Refuses To Grant Bail, Says Former Policeman Has Misused Parole

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मुंबई17 घंटे पहले

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने माना है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास विस्फोटक लगाने की साजिश में पूर्व पुलिसकर्मी विनायक शिंदे शामिल था। कोर्ट ने उसे जमानत देने से मना करते हुए कहा- शिंदे एक बर्खास्त पुलिसकर्मी है, अपराध की गंभीरता को बढ़ाता है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं। आरोपी की भूमिका और अपराध में उसकी संलिप्तता को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जा सकती है।

कोर्ट की पूरी टिप्पणी पढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दें…

विशेष न्यायाधीश एटी वानखेड़े ने मंगलवार को शिंदे को जमानत देने से इनकार किया था, इसका विस्तृत आदेश शनिवार को उपलब्ध कराया गया। बता दें कि रामनारायण गुप्ता उर्फ ​​लखन भैया के फर्जी एनकाउंटर मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा शिंदे पिछले साल फरवरी में पैरोल पर बाहर आया था। उसी दौरान मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से लदी एसयूवी मिली थी। इस साजिश में शिंदे का नाम आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

शिंदे ने अपने वकील के माध्यम से कहा था कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था और न ही आरोप पत्र में ऐसी कोई सामग्री थी जो उसकी गिरफ्तारी को सही ठहराती हो। उसने जमानत मांगी थी कि उसे अनुमान के आधार पर आरोपी बनाते हुए झूठा फंसाया गया है। शिंदे ने यह भी दावा किया कि जांच रिपोर्ट में ये भी नहीं बताया गया कि उसने किस मकसद से साजिश रची थी।

अभियोजन पक्ष ने उसकी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी सीधे तौर पर अपराध में शामिल है। शिंदे के खिलाफ आरोप है कि वह स्वेच्छा से आरोपी नंबर एक सचिन वाजे द्वारा रचे गए संगठित अपराध की साजिश में शामिल है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी एक हत्या के मामले में दोषी है और उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसने जानबूझकर पैरोल का दुरुपयोग किया और आपराधिक साजिश में हिस्सा लिया, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।

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