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मुम्बई पुलिस को चकमा देने वाले बदमाश जबलपुर में गिरफ्तार: बीच रास्ते जबलपुर स्टेशन से हथकड़ी सहित भाग निकले थे पांच लाख चोरी के आरोपी, बिहार से गिरफ्तार कर मुम्बई ले जा रही थी पुलिस

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Hindi NewsLocalMpJabalpurFive Lakh Theft Accused Had Escaped From Jabalpur Station Midway With Handcuffs, Arrested From Bihar And Taking Them To Mumbai

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जबलपुर2 घंटे पहले

घमापुर पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपी।

पांच लाख रुपए चोरी के मामले में गिरफ्तार दो शातिर बदमाश मुम्बई पुलिस को चकमा देकर बीच रास्ते जबलपुर में हथकड़ी सहित फरार हो गए। हथकड़ी छुपाने हाथ में गमछा लपेट कर जा रहे दोनों शातिरों को संदेह होने पर जबलपुर की घमापुर पुलिस ने दबोच लिया। तब पता चला कि वे फरार बदमाश हैं। मुम्बई पुलिस अब आरोपियों को अपने कब्जे में लेने की कवायद में जुटी है। पर नियमों का पेंच फंस गया है। दरअसल पहले जीआरपी में उनकी फरारी दर्ज होगी, फिर उनकी कस्टडी मिलेगी।

एएसपी नार्थ संजय अग्रवाल के मुताबिक घमापुर टीआई जीआर रघुवंशी रविवार रात को शीतलामाई में चैकिंग लगाए थे। देर रात ढाई बजे के लगभग दो युवक पैदल दिखे। उनके पैर में चप्पल तक नहीं थे। दोनों की गतिविधियां संदिग्ध दिखी। एक के हाथ में गमछा लिपटा था और वे साथ-साथ चल रहे थे। टीआई को संदेह हुआ। गमछा हटाने को बोला, तो दोनों ने कहा कि चोट लगी है। चोट दिखाने को बोला तो दोनों सकपका गए। गमछा हटाया तो हथकड़ी लगी थी। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।

पुलिस ग्रुप में फोटो वायरल

गिरफ्त में आए दोनों युवक खुद के बारे में नहीं बता रहे थे। पुलिस ने दोनों की फोटो खींच कर पुलिस ग्रुप में भेजा और जानकारी मांगी कि किसी थाने से हथकड़ी सहित कोई आरोपी फरार हुए हों, तो वे घमापुर थाने से संपर्क करें। पूरे जिले में तस्दीक कर ली गई, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। दोनों पांच घंटे तक पुलिस को बरगलाते रहे। इसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो असलियत सामने आया।

जीआरपी थाने में दर्ज होगी एफआईआर।

जीआरपी थाने में दर्ज होगी एफआईआर।

बिहार समस्तीपुर के निकले दोनों आरोपी

पूछताछ में दोनों आरोपियों की पहचान शम्भाढोणी थाना सिंघिया जिला समस्तीपुर बिहार हाल निवासी मुम्बई धीरज उर्फ नीरज राय पिता विनोद राय (22) और विक्रम उर्फ वंशमणि पिता महेश राय (29) के रूप में हुई। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। दोनों ने बताया कि वे मुम्बई में अम्बोली क्षेत्र में आदित्य हेमरन के यहां काम करते थे। 13 मार्च को आदित्य के यहां से पांच लाख रुपए चुराकर वे बिहार भाग गए थे। इसी मामले में मुम्बई की अम्बोली पुलिस गिरफ्तार कर ले जा रही थी।

नीरज को लगाई थी हथकड़ी

मुम्बई पुलिस ने नीरज को हथकड़ी लगाई थी। ट्रेन में सफर के दौरान मुम्बई पुलिस सो गई थी। जबलपुर स्टेशन पर दोनों चुपके से उतर गए। पर हथकड़ी नहीं खुल रही थी। इस कारण गमछा लपेट लिए थे। इसके बाद घमापुर पुलिस ने जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी की मदद से मुम्बई कंट्रोल रूम को खबर भिजवाई गई। इसके बाद अम्बोली पुलिस ने खमरिया टीआई से बात की।

इटारसी में पता लगा फरार होना

अम्बोली पुलिस ने गिरफ्तार करने वाली टीम से संपर्क साधा तो वे इटारसी में परेशान घूम रहे थे। दरअसल इटारसी में टीम की आंख खुली तो दोनों आरोपी फरार मिले। इसके बाद टीम वहीं आसपास तलाश में जुटी थी। जबलपुर में गिरफ्तारी की सूचना पर मुम्बई पुलिस इटारसी से वापस आई। मुम्बई पुलिस दोनों के फरार होने की एफआईआर जीआरपी में दर्ज कराने की कवायद में जुटी है। इसके बाद घमापुर पुलिस दोनों को जीआरपी जबलपुर के सुपुर्द करेंगी। इसके बाद मुम्बई पुलिस को उनकी कस्टडी मिलेगी।

मुम्बई पुलिस की टीम आरोपियों की कस्टडी लेने जबलपुर पहुंची।

मुम्बई पुलिस की टीम आरोपियों की कस्टडी लेने जबलपुर पहुंची।

लापरवाही पर गिर सकती है गाज

मुम्बई पुलिस को लापरवाही पर सजा विभागीय सजा मिल सकती है। प्रथम दृष्टया टीम को निलंबन का सामना करना पड़ेगा। जबलपुर जीआरपी में अपने ही खिलाफ लापरवाही की एफआईआर दर्ज करानी पड़ेगी। एएसपी नार्थ संजय अग्रवाल के मुताबिक मुम्बई पुलिस मिलने आई थी। अभी आरोपी हमारे कस्टडी में हैं। उन्हें जीआरपी को सौंपेंगे। इसके बाद जीआरपी पुलिस ही मुम्बई पुलिस को कस्टडी में दे सकेगी।

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